शिक्षक बनने के लिए वर्ष 2030 के बाद अमान्य हो जायेगी B.Ed की डिग्री, जाने पुरा मामला

बीएड की डिग्री वर्ष 2030 के बाद शिक्षक बनने के लिए मान्य नहीं रहेगी. नयी शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति में केवल आइटीइपी (इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम) कोर्स करने वाले अभ्यर्थी ही योग्य माने जायेंगे.

एनसीटीइ की ओर से तैयार इस चार वर्षीय पाठ्यक्रम में अगले सत्र से ही नामांकन शुरू होगा. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा करायेगी. इसमें प्लस टू योग्यता वाले अभ्यर्थी शामिल होंगे. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने आइटीइपी को नोटिफाइड करते हुए संस्थान और स्टॉफ के लिए मानक भी तय कर दिया है. चार वर्षीय आइटीइपी की शुरुआत सत्र 2022-23 से होगी. इसके लिए देशभर से करीब 50 संस्थानों का चयन किया जायेगा.

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शिक्षक बनने के लिए बेहतर विकल्प

आइटीइपी उन सभी छात्रों के लिए उपलब्ध होगा, जो माध्यमिक शिक्षा के बाद शिक्षण को पेशे के रूप में लेना चाहते हैं. अभी 12वीं के बाद तीन साल में स्नातक व दो साल में बीएड की डिग्री मिलती है, यानि पांच साल लग जाते हैं. नये कोर्स से चार साल ही लगेंगे. यह कोर्स एक छात्र शिक्षक को शिक्षा में डिग्री के साथ इतिहास, गणित, विज्ञान, कला, अर्थशास्त्र या वाणिज्य जैसे विशेष विषयों में डिग्री प्राप्त करने में सक्षम बनाता 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी
है.

एक सेमेस्टर परीक्षाओं की अवधि सहित 125 कार्य दिवस का होगा

इस कोर्स में छात्र अध्यापक के लिए 80 फीसदी उपस्थिति सभी पाठ्यक्रमों में अनिवार्य है. क्षेत्र आधारित अनुभव या स्कूल इंटर्नशिप या शिक्षण अभ्यास के लिए अलग से 90 फीसदी उपस्थिति निर्धारित है. एक सेमेस्टर परीक्षाओं की अवधि सहित 125 कार्य दिवस का होगा वहीं, सप्ताह में कुल 40 घंटे का कार्य दिवस होगा.

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• केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नये कोर्स आइटीइपी का किया नोटिफिकेशन

• अगले सत्र से पायलट प्रोजेक्ट के तहत 50 संस्थानों में नामांकन

• एनटीए करायेगी संयुक्त प्रवेश परीक्षा नामांकन के लिए प्लस टू योग्यता

विज्ञान, मानविकी और वाणिज्य संकाय में नामांकन

आइटीइपी में विज्ञान, मानविकी और वाणिज्य संकाय में नामांकन की सुविधा होगी. अभ्यर्थी को आवेदन के समय केवल बीए बीएड, बीएससी बीएड या बीकॉम बीएड का संकेत देना है. संस्थान को एक यूनिट के रूप में एक संकाय से 50 सीट की अनुमति दी जायेगी. संस्थान के लिए भी मानक तय किया गया है. दो यूनिट यानि 100 सीट की मान्यता के लिए संसाधन बढ़ाने होंगे.

लैब व लाइब्रेरी होगी सुदृढ़ कोर्स संचालित करने से पहले संस्थान को मानक पूरा करना होगा.

भवन के लिए निर्धारित भूमि होनी जरूरी है. कैंपस में लैब व लाइब्रेरी के लिए भी दिशा-निर्देश दिया गया है. पुस्तकालय में एक हजार शीर्षक की कम से कम चार हजार किताबें होनी चाहिए. 50 छात्र अध्यापकों के बैठने की जगह चाहिए. वही, भूगोल, फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित, जूलॉजी व बॉटनी का लैब जरूरी है,

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