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पीजी सेकेंड सेमेस्टर के 683 स्टूडेंट्स का दो साल बर्बाद, अब थर्ड सेमेस्टर में पास हो जाने पर भी मान्य नहीं होगा रिजल्ट

On: September 5, 2021 9:02 AM
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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पोजी के 683 छात्र-छात्राओं का दो साल बर्बाद हो गया है. ये सेकेंड सेमेस्टर में फेल हो गये हैं या रिजल्ट पेंडिंग है. वैसे इन छात्रों को पिछले साल ही मास्टर डिग्री मिल जानी चाहिए थी. थर्ड सेमेस्टर का रिजल्ट भी अगले कुछ दिनों में आ जायेगा, लेकिन सेकेंड सेमेस्टर में ब्रेक लग जाने के कारण थर्ड सेमेस्टर क्लीयर कर लेंगे, तब भी मान्य नहीं होगा, यानी इन्हें फिर से सेकेंड व थर्ड सेमेस्टर क्लीयर करना होगा.

विश्वविद्यालय का केवल सत्र ही विलंब नहीं चल रहा है

बल्कि छात्र-छात्राओं की उलझन भी बढ़ा रहा है. पीजी सत्र 2018-20 के सेकेंड व थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा इस साल फरवरी व मार्च में ली गयी थी. दो दिन पहले रिजल्ट निकला है, जिसको लेकर छात्रों का हंगामा चल रहा है. 295 छात्र फेल हो गये हैं और 388 का रिजल्ट पेंडिंग है. वहीं 1050 छात्र प्रमोट किये गये हैं. इन छात्रों का संकट है कि दो साल के कोर्स में तीन साल गुजर गया, लेकिन अभी तक एक चौथाई लक्ष्य हासिल कर सके हैं.

2020 में ही पूरा हो गया सत्र, अभी केवल फर्स्ट सेमेस्टर कंपलीट

पीजी के रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए छात्र पीजी विभाग से लेकर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन तक हंगामा कर रहे है. शनिवार को दर्जनों छात्र विभागों में पहुंचे. उनका कहना था कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी की गयी है. छात्रों का कहना था कि वे पहले परीक्षा विभाग में गये थे. परीक्षा विभाग के जिम्मेदार लोगों ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि मूल्यांकन में जो मार्क्स मिले हैं, उसी पर रिजल्ट तैयार हुआ है.

पीजी फिजिक्स विभाग की डॉ संगीता सिन्हा ने कहा कि बार कोडेड उत्तर पुस्तिका पर परीक्षा ली गयी है. गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है, फिर भी किसी छात्र को संदेह है, तो कॉपी निकाल कर देख सकते हैं. लेकिन बिना वजह हंगामा करना ठीक नहीं है.

पीजी का रिजल्ट सुधारने के लिए दिया ज्ञापन

मुजफ्फरपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्नातकोत्तर सत्र 2018-20/ के सेकेंड सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम सुधार कर जारी करने की मांग कुलपति से की है. उन्होंने इस संबंध में आवेदन दिया है. कहा है कि जान बूझकर छात्रों को एक-दो नंबर से फेल कर दिया गया है. यह अन्याय है. छात्र नेताओं ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आंदोलन करने के बाद विवि प्रशासन ने परिणाम प्रकाशित किया.

लेकिन, परीक्षा परिणाम में बहुत सारी खामिया होने के कारण फिर आंदोलन शुरू कर दिया. महानगर मंत्री दीपंकर गिरि ने कहा कि अविलंब परीक्षा परिणाम में सुधार कर दोबारा परीक्षा परिणाम प्रकाशित किया जाये, नहीं तो छात्र आंदोलन करेंगे. छात्र नेता अभिनव ने कहा कि परीक्षा परिणाम पेंडिंग सुनियोजित तरीके से करवाया जाता है, जिससे छात्रों से पैसा उगाही कर सके.

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Gaurav Jaiswal

Gaurav Jaiswal Zee Bihar के अनुभवी न्यूज़ राइटर हैं, जो बिहार बोर्ड, बिहार यूनिवर्सिटी, सरकारी नौकरी, शिक्षा और करंट अफेयर्स से जुड़ी तेज़, सटीक और विश्वसनीय खबरें लिखते हैं।

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