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स्नातक सत्र 2019-22 का परीक्षाफल नहीं दिखने पर छात्रों में आक्रोश, कुलपति और परीक्षा नियंत्रक ने बंद कर लिया मोबाइल

On: December 29, 2021 10:55 AM
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बिहार यूनिवर्सिटी के स्नातक सत्र 2019-22 के परीक्षा परिणाम में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। यही कारण है कि परिणाम जारी होने के चार दिन बाद भी विवि का वेबसाइट अंडर मेंटेनेंस बता रहा है। यूनिवर्सिटी के कोई भी अधिकारी इसका कारण बताने को सामने नहीं आ रहे हैं। सैकड़ों की संख्या में विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर परिणाम जानने को आतुर दिख रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जब परिणाम जारी कर दिया गया तो क्यों उसपर रोक लगाई गई या परिणाम ठीक है तो दिख क्यों नहीं रहा।

परीक्षा नियंत्रक डा. संजय कुमार का मोबाइल बंद

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के सामने आकर किसी प्रकार का उत्तर नहीं देने के कारण छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है। छात्र-छात्राएं कह रहे कि यदि यही स्थिति रही तो यूनिवर्सिटी खुलने के बाद भारी बवाल होगा। कई छात्र संगठनों की ओर से भी इसपर नाराजगी व्यक्त की गई है। परीक्षा नियंत्रक डा. संजय कुमार का मोबाइल बंद बता रहा। वहीं अध्यक्ष छात्र कल्याण डा. अजीत कुमार और कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पांडेय से जब इस मामले को लेकर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

पीजी सत्र 2019-21 भले ही दो साल का, लेकिन बिहार यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर तीन साल अंकित, यूनिवर्सिटी की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है

बढ़ी परेशानी

• सम-विषम के पेच में फंसा मामला तो विवि ने बंद किया पोर्टल, उठ रहे सवाल

● पांच जिले के 1.22 लाख विद्यार्थी परिणाम जानने के लिए है आतुर

कंप्यूटर से हुई ओएमआर शीट की जांच तो इतनी बड़ी चूक कैसे

यूनिवर्सिटी की ओर से पहली बार स्नातक में OMR शीट पर परीक्षा ली गई। 50 प्रश्न दो-दो अंक के थे। यूनिवर्सिटी की और से कहा गया कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कंप्यूटर के माध्यम से स्कैन कर की जाएगी। ऐसे में बिहार यूनिवर्सिटी का पूरा मार्किंग पैटर्न सवालों के घेरे में आ गया है। यूनिवर्सिटी के अधिकारी कह रहे कि कुछ अंक ग्रेस देने के क्रम में किसी पेपर में 45 अंक मिल गया होगा, लेकिन यह तर्क भी तब गलत साबित हो जा रहा जब विद्यार्थियों के आनलाइन जारी अंकपत्र में 61, 53, 65, 57 आदि अंक दर्ज किए गए हैं। ऐसे में छात्र नेताओं ने आरोप लगाया है कि मूल्यांकन हुआ ही नहीं एवरेज मार्किंग कर अंक दे दिया गया। अधिकारी इसपर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं।

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Gaurav Jaiswal

Gaurav Jaiswal Zee Bihar के अनुभवी न्यूज़ राइटर हैं, जो बिहार बोर्ड, बिहार यूनिवर्सिटी, सरकारी नौकरी, शिक्षा और करंट अफेयर्स से जुड़ी तेज़, सटीक और विश्वसनीय खबरें लिखते हैं।

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