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Bihar Teacher Dismissal News 2026: एक ही सत्र में M.Sc और B.Ed की डिग्री लेने पर शिक्षिका की नौकरी गई, विभाग ने किया बर्खास्त

On: September 21, 2026 7:10 AM
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Bihar Teacher Dismissal News 2026
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Bihar Teacher Dismissal News 2026: बिहार में शिक्षक नियुक्ति से जुड़ा एक अहम मामला सामने आया है। BPSC TRE-2 के तहत विज्ञान विषय में नियुक्त एक शिक्षिका को एक ही शैक्षणिक सत्र में M.Sc और B.Ed की डिग्री हासिल करने के मामले में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। शिक्षिका की नियुक्ति विद्यालय अध्यापक के पद पर हुई थी और उन्हें कैमूर जिले के चांद प्रखंड स्थित शिवरामपुर स्कूल में पदस्थापित किया गया था।

विभागीय जांच और सुनवाई के बाद शिक्षिका द्वारा प्रस्तुत बचाव पक्ष को संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी की कार्रवाई की।

Bihar Teacher Dismissal News 2026: क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के दूसरे चरण की शिक्षक भर्ती के अंतर्गत कक्षा 9वीं-10वीं के विज्ञान विषय के लिए शिक्षिका अर्चना कुमारी की नियुक्ति हुई थी। Bihar Teacher Dismissal News 2026 नियुक्ति के बाद उनकी पदस्थापना शिवरामपुर स्कूल, चांद, कैमूर में की गई थी। उन्होंने फरवरी 2024 में विद्यालय में योगदान दिया था।

बाद में उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर शिकायत सामने आई। शिकायत में उनकी डिग्रियों और पढ़ाई की अवधि को लेकर सवाल उठाए गए। इसके बाद विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू की गई।

एक ही अवधि में M.Sc और B.Ed करने का मामला

जांच के दौरान शिक्षिका की शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षिका ने M.Sc की पढ़ाई सत्र 2019-2021 में तथा B.Ed की पढ़ाई सत्र 2020-2022 में की थी। इस प्रकार दोनों पाठ्यक्रमों की अवधि एक-दूसरे से ओवरलैप करती पाई गई। इसी आधार पर उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर विभागीय कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान संबंधित विश्वविद्यालयों से भी प्रमाण-पत्र और शैक्षणिक रिकॉर्ड के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले को विभागीय जांच के लिए आगे बढ़ाया गया।

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विभागीय सुनवाई में दिया गया बचाव

मामले में शिक्षिका को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में सुनवाई के दौरान शिक्षिका की ओर से बचाव पक्ष प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई में प्रस्तुत जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों का विभागीय स्तर पर परीक्षण किया गया। इसके बाद शिक्षिका का बचाव पक्ष असंतोषजनक माना गया। विभाग ने मामले में प्राप्त रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की।

सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी

जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जारी आदेश में बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त नियमावली के प्रावधानों का उल्लेख किया गया। विभागीय आदेश के अनुसार, मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों और विभागों को आदेश की जानकारी देने की प्रक्रिया भी की गई है।

विश्वविद्यालयों से भी मांगी गई जानकारी

इस मामले की जांच के दौरान शिक्षिका की डिग्रियों से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय स्तर से भी प्राप्त की गई। विभाग ने शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों और पढ़ाई की अवधि की जांच के आधार पर अपना निर्णय लिया।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मामले में संबंधित विश्वविद्यालयों से प्रमाण-पत्रों के संबंध में जानकारी मंगाई गई थी।

Bihar Teacher Dismissal News 2026: किन बातों पर हुई कार्रवाई?

इस पूरे मामले में मुख्य रूप से निम्न बिंदु सामने आए हैं:

  • शिक्षिका की नियुक्ति BPSC TRE-2 के तहत हुई थी।
  • पद विद्यालय अध्यापक, कक्षा 9-10, विज्ञान विषय से संबंधित था।
  • उनकी पदस्थापना शिवरामपुर स्कूल, चांद, कैमूर में हुई थी।
  • शैक्षणिक योग्यता को लेकर शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हुई।
  • रिपोर्ट के अनुसार M.Sc और B.Ed की अध्ययन अवधि में ओवरलैप पाया गया।
  • संबंधित दस्तावेजों और विश्वविद्यालय से प्राप्त जानकारी की जांच की गई।
  • शिक्षिका को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
  • विभाग ने बचाव पक्ष को संतोषजनक नहीं माना।
  • इसके बाद सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया।

शिक्षकों के लिए क्या है महत्वपूर्ण?

यह मामला शिक्षक भर्ती में शैक्षणिक योग्यता और प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की अहमियत को सामने लाता है। नियुक्ति के बाद भी यदि किसी अभ्यर्थी की योग्यता या दस्तावेजों को लेकर शिकायत मिलती है, तो विभागीय स्तर पर उनकी जांच की जा सकती है।इसलिए शिक्षक भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अपनी डिग्री, प्रमाण-पत्र, अध्ययन अवधि और पात्रता संबंधी सभी दस्तावेजों की सही जानकारी देना जरूरी है।

निष्कर्ष :

बिहार में BPSC TRE-2 के तहत नियुक्त शिक्षिका से जुड़ा यह मामला शैक्षणिक योग्यता के सत्यापन और सेवा नियमों के पालन से संबंधित है। रिपोर्ट के अनुसार, एक ही अवधि में M.Sc और B.Ed की पढ़ाई किए जाने के मामले की जांच के बाद विभागीय सुनवाई हुई और बचाव पक्ष को असंतोषजनक पाए जाने पर शिक्षिका को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया।

नोट: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्ट/दिए गए समाचार-कटिंग में प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। किसी अंतिम कानूनी या प्रशासनिक स्थिति के लिए संबंधित विभाग द्वारा जारी मूल आदेश को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।

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Gaurav Jaiswal

Gaurav Jaiswal Zee Bihar के अनुभवी न्यूज़ राइटर हैं, जो बिहार बोर्ड, बिहार यूनिवर्सिटी, सरकारी नौकरी, शिक्षा और करंट अफेयर्स से जुड़ी तेज़, सटीक और विश्वसनीय खबरें लिखते हैं।

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