Bihar Lakhpati Didi Yojana 2026: बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान के तहत बड़ा लक्ष्य तय किया है। अभियान के माध्यम से वर्ष 2030 तक एक करोड़ अतिरिक्त महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे कारोबार, पशुपालन और अन्य आय बढ़ाने वाली गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की योजना केवल महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही उन्हें स्थायी आमदनी के साधन, कारोबार शुरू करने का अवसर और बाजार से जुड़ने की सुविधा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
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Bihar Lakhpati Didi Yojana 2030 तक 1 करोड़ अतिरिक्त महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य
‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान के तहत वर्ष 2030 तक एक करोड़ अतिरिक्त महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान की शुरुआत 27 अगस्त 2026 को की गई थी।
लखपति दीदी पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए नियमित कमाई के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए महिलाओं को छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार, पशुपालन और अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है।

करीब 20 हजार करोड़ रुपये जुटाने की परिकल्पना
इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में अलग-अलग सरकारी योजनाओं और संसाधनों को जोड़कर करीब 20 हजार करोड़ रुपये जुटाने की परिकल्पना की गई है।
इस राशि के माध्यम से महिलाओं को केवल वित्तीय सहायता देने के बजाय ऐसे अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा, जिनसे वे लंबे समय तक अपनी आमदनी बढ़ा सकें और अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ा सकें।
10 लाख महिला उद्यमियों को मिल सकती है वित्तीय सहायता
अभियान के तहत करीब 10 लाख महिला उद्यमियों को बैंक और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की योजना बताई गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं को नया व्यवसाय शुरू करने, मौजूदा कारोबार का विस्तार करने और आय के नए स्रोत तैयार करने में मदद करना है।
हालांकि, 5 लाख रुपये की सहायता को सभी महिलाओं के लिए निश्चित या सीधे मिलने वाला लाभ नहीं माना जाना चाहिए। सहायता की राशि, पात्रता और अन्य शर्तें संबंधित योजना एवं वित्तीय संस्थान के नियमों के अनुसार तय होंगी।
60 लाख महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने की तैयारी
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। योजना के तहत करीब 60 लाख महिलाओं को पशुपालन और उससे जुड़े छोटे उद्यमों से जोड़ने की तैयारी है।
महिलाओं को पशुपालन आधारित गतिविधियों को छोटे कारोबार के रूप में विकसित करने और उससे नियमित आमदनी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
25 लाख महिला-केंद्रित उद्यम बनाने का प्रस्ताव
महिलाओं की औद्योगिक और कारोबारी भागीदारी बढ़ाने के लिए करीब 25 लाख महिला-केंद्रित विनिर्माण एवं सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल पारंपरिक स्वरोजगार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उत्पादन, कारोबार और बाजार आधारित गतिविधियों से जोड़ना है।
हालांकि, इन उद्यमों की स्थापना की विस्तृत प्रक्रिया, लक्ष्य की समयसीमा और पात्रता से संबंधित आधिकारिक विवरण अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से स्पष्ट किए जा सकते हैं।
Bihar Lakhpati Didi Yojana 2026: जीविका के 20 साल पूरे होने पर भी हुई चर्चा
बिहार में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी को लेकर जीविका के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भी चर्चा हुई। रोहतास जिले के सासाराम स्थित पायलट बाबा धाम परिसर में आयोजित ‘नीतीश संवाद-जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बदलाव के उद्देश्य से 2 अक्टूबर 2006 को जीविका की शुरुआत की गई थी। समय के साथ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को इससे जोड़ा गया।
कार्यक्रम में 77 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों और उनसे जुड़ी करीब 11 लाख 84 हजार जीविका दीदियों का आंकड़ा बताया गया। ये आंकड़े कार्यक्रम में बताए गए समूह एवं संबंधित महिलाओं के विवरण हैं और इन्हें बिहार में अभियान के सभी संभावित लाभार्थियों की कुल संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
महिलाओं की आमदनी बढ़ाने पर फोकस
‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान के जरिए सरकार का फोकस महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी आमदनी बढ़ाने पर है। एक करोड़ अतिरिक्त लखपति दीदी, 10 लाख महिला उद्यमी, 60 लाख महिलाओं को पशुपालन से जोड़ने और महिला-केंद्रित उद्यमों को बढ़ावा देने जैसे लक्ष्य इसी दिशा में प्रस्तावित किए गए हैं।
आने वाले वर्षों में इन योजनाओं की विस्तृत गाइडलाइन, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय सहायता की शर्तें संबंधित विभागों की आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर स्पष्ट होंगी।
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