AddText 07 29 08.15.52

Big Breaking News : पटना हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग केस में बिहार बोर्ड पर लगाया 15 लाख का जुर्माना, यहां जानिए क्या है मामला

BSEB : पटना हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग मामलों पर बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद सर्टिफिकेट नहीं दिये जाने के मामले पर सुनवाई के बाद एक केस में दस लाख तथा दूसरे में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

न्यायालय ने जुर्माना लगाने के बाद कहा, यह राशि भी पर्याप्त नहीं

न्यायमर्ति संजीव प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने नवादा जिला के आदर्श हायर सेकेंडरी की छात्रा सरस्वती कुमारी तथा बेगूसराय के बीकेएसकेएस इंटर कॉलेज के छात्र गौरी शंकर शर्मा की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद जुर्माना लगाया।

छात्र की 2012 की परीक्षा का रिजल्ट आठ साल बाद घोषित किया

कोर्ट ने कहा कि किसी भी छात्र का गोल्डन पीरियड इंटर परीक्षा पास करने के बाद शुरू होता है। 2012 में इंटर साइंस का परीक्षा देने के बाद बोर्ड आठ साल बाद 2020 में प्रथम श्रेणी से पास का रिजल्ट घोषित किया।

अंकपत्र तथा सर्टिफिकेट रोक लिया क्योंकि स्कूल ने रजिस्ट्रेशन फीस बोर्ड के पास जमा नहीं

वहीं, दूसरे केस में फर्स्ट डिवीजन से मैट्रिक परीक्षा पास करने के बाद बोर्ड ने अंकपत्र तथा सर्टिफिकेट रोक लिया क्योंकि स्कूल ने रजिस्ट्रेशन फीस बोर्ड के पास जमा नहीं किया था। इस कारण बोर्ड ने छात्रों का रिजल्ट स्कूल में नहीं भेजा और छात्र अपना रिजल्ट नहीं ले पाए जबकि बोर्ड छात्रों का रिजल्ट तैयार कर अपने पास रखे हुए था।

BSEB 12th Exam 2023 Dummy Registration Card Download : इंटर परीक्षा 2023 के लिए डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड जारी, यहां से करें डाउनलोड

कोर्ट ने बोर्ड पर पांच लाख जुर्माना लगाते हुए छात्र को देने का आदेश दिया

कोर्ट का कहना था कि बोर्ड के रिकॉर्ड के तहत छात्रों का सर्टिफिकेट 2016 में ही तैयार कर लिया गया था और प्रोविजनल सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर 2019 में किया गया। तब से बोर्ड अपने पास रखे हुए है जो किसी भी तरह से जायज नहीं है। छात्र ने जीवन के महत्वपूर्ण छह साल ऐसे ही गंवा दिये। कोर्ट ने बोर्ड पर पांच लाख जुर्माना लगाते हुए छात्र को देने का आदेश दिया।

छात्रा के जीवन का सुनहरा दौर खराब

कोर्ट ने कहा कि बोर्ड की सुस्ती से एक छात्रा के जीवन का सुनहरा दौर खराब हो गया। बच्ची का रिजल्ट घोषित नहीं किया गया। समय-समय पर दिए गए अभ्यावेदन पर भी ध्यान नहीं दिया गया।

दो विद्यार्थियों को समय पर सर्टिफिकेट नहीं देने का मामला

कोर्ट ने दस लाख रुपये छात्र को अनुकरणीय मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि यह राशि भी पर्याप्त नहीं है क्योंकि उसका पूरा भविष्य व्यर्थ चला गया है।

परीक्षा फॉर्म समेत अन्य सभी अपडेट के लिए Join करे

Telegram Group – Click here

Facebook Group – Click Here

Bihar News – Click Here

Join WhatsApp – Click Here

Bihar D.El.Ed. Admission 2022 : फिर खुल सकता है डीएलएड में नामांकन के लिए पोर्टल, छात्रों ने शिक्षा विभाग से की ये मांग

Scroll to Top