बिहार यूनिवर्सिटी बिहार बोर्ड सरकारी नौकरी स्कॉलरशिप सरकारी योजना जॉब - एजुकेशन रिजल्ट सीबीएसई देश विदेश राशिफल वायरल न्यूज़
अन्य

---Advertisement---

बिहार यूनिवर्सिटी में पिछले तीन सालों से नहीं हुआ ऑडिट, जानें क्या है मामला

On: January 14, 2022 4:31 AM
Follow Us:
BRABU Zeebihar
---Advertisement---

बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी पिछले तीन वर्षों से बिना ऑडिट के चल रहा है। ऑडिट नहीं कराने से कौन विभाग क्या खर्च कर रहा है, इसका हिसाब सरकार के पास नहीं पहुंचा है।

नियम के अनुसार हर वर्ष यूनिवर्सिटी को अपना ऑडिट कराना है। यह ऑडिट एक सीए को अनुबंधित कर कराया जाना है। पिछले दो महीने पहले बिहार यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के ऑडिट के लिए सीए बहाल करने के लिए नोटिस जारी किया था लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अबतक विवि के ऑडिट कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।

संबद्ध कॉलेजों का ऑडिट कराया जाएगा।

मसले पर बिहार यूनिवर्सिटी के वित्त अधिकारी विनोद कुमार राय का कहना है कि सिर्फ इधर के तीन वर्षों का ऑडिट नहीं किया गया है। ऑडिट के लिए एक सीए की बहाली करनी है। रजिस्ट्रार प्रो राम कृष्ण ठाकुर ने बताया कि संबद्ध कॉलेजों का ऑडिट कराया जाएगा।

कालेजों की जांच कमेटी नहीं बनने पर नाराजगी, यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को लिखा गया पत्र

पिछली ऑडिट आपत्ति का यूनिवर्सिटी ने नहीं दिया जवाब:

बिहार यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों ने बताया कि पिछली बार जब यूनिवर्सिटी का ऑडिट कराया गया था तब ऑडिटर ने कई सारे बिंदुओं पर यूनिवर्सिटी से जवाब मांगे थे। इसमें यूनिवर्सिटी में नियुक्ति, गलत भुगतान, सामान की खरीद से जुड़े मामले थे लेकिन यूनिवर्सिटी ने आज तक उसका जवाब नहीं महालेखाकार के भेजा है। इन सभी बिंदुओं पर कोई रिपोर्ट यूनिवर्सिटी ने तैयार नहीं की है। ऑडिट में कई खामियां मिलने से यूनिवर्सिटी इन सवालों के जवाब देने से बचती रही है। हलांकि वित्त अधिकारी का कहना है कि यूनिवर्सिटी ने ऑडिट की सभी रिपोर्ट महालेखाकार को भेज दी है।

परीक्षा से लेकर पेंशन भुगतान तक की नहीं दी जा रही जानकारी

बिहार यूनिवर्सिटी का ऑडिट नहीं होने से परीक्षा में कापी खरीद से लेकर पेंशन भुगतान तक की राशि की जानकारी महालेखाकार को नहीं भेजी जा रही है। पिछले दिनों मगध यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने पर महालेखाकार ने बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के ऑडिट कराने की बात भी कही थी लेकिन उसके बाद इस मामले पर कोई कदम नहीं बढ़ाया गया। यूनिवर्सिटी से जुड़े लोगों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में जितनी भी गड़बड़ियां हैं वह ऑडिट के बाद ही सामने आयेंगी।

विभाग के द्वारा प्रैक्टिकल का अंक भेजने के बाद भी छात्र को किया फेल, यहाँ जाने पूरा मामला

बिना यूनिवर्सिटी के आदेश कॉलेजों ने कराया ऑडिट

बिहार यूनिवर्सिटी के कई सरकारी कॉलेजों ने बिना यूनिवर्सिटी के आदेश के अपना ऑडिट करा लिया है और उसका बिल भी यूनिवर्सिटी को भेज दिया है। एक कॉलेज ने लाख से दो लाख तक का बिल यूनिवर्सिटी को भेजा है। नियम के अनुसार विवि और कॉलेजों का आडिट एक साथ होता है और ऑडिट कराने से पहले यूनिवर्सिटी से निर्देश लेना पड़ता है। एक ही ऑडिटर कालेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक का ऑडिट करता है। लेकिन कॉलेजों ने खुद निजी एजेंसी से अपने कॉलेज का ऑडिट दिखाकर बिल भेज दिया है।

यूनिवर्सिटी में हर वर्ष ऑडिट कराने का नियम है। यहां ऑडिट क्यों नहीं हो रहा इसके बारे में एफए और एफओ से जानकारी ली जायेगी। नियमानुसार यूनिवर्सिटी का ऑडिट कराया जाएगा। -प्रो हनुमान प्रसाद पांडेय, वीसी

Telegram Group – Click here

Facebook Group – Click Here

Bihar News – Click Here

Join WhatsApp – Click Here

Gaurav Jaiswal

Gaurav Jaiswal Zee Bihar के अनुभवी न्यूज़ राइटर हैं, जो बिहार बोर्ड, बिहार यूनिवर्सिटी, सरकारी नौकरी, शिक्षा और करंट अफेयर्स से जुड़ी तेज़, सटीक और विश्वसनीय खबरें लिखते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now